अज्ञेय रचनावली खंड-5 (नदी के द्वीप, अपने अपने अजनबी) - सम्पा. कृष्णदत्त पालीवाल Ajneya Rachanawali (Volume : 5) - Hindi book by - Sachchidananda Hirananda Vatsyayana Ajneya
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अज्ञेय रचनावली खंड-5 (नदी के द्वीप, अपने अपने अजनबी)

सम्पा. कृष्णदत्त पालीवाल

प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशित वर्ष : 2011
पृष्ठ :398
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 10455
आईएसबीएन :9788126320912

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अज्ञेय एक ऐसे विलक्षण और विदग्ध रचनाकार हैं, जिन्होंने भारतीय भाषा और साहित्य को भारतीय आधुनिकता और प्रयोगधर्मिता से सम्पन्न किया है; तथा

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