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लोक कवि-ईसुरी

डॉ. एम एल प्रभाकर

प्रकाशक : आशा प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2017
पृष्ठ :264
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 16155
आईएसबीएन :9789381022931

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लोक कवि-ईसुरी

 

 

 

समर्पण

 

माथे पर हिन्दी के बिन्दी,
बुन्देली की जेहिं धरायी।

बुन्देलखण्ड के कोकिल कहियत,
चौकड़ियाँ नौनी जिनने गायी।

रजऊ बहाने कविता कीन्हीं,
रसराजा कृति धार बहायी।

लोककवि ईसुरी कृति समर्पित,
श्रृंगारिक कविता जेहिं अपनायी।

- डॉ. प्रभाकर

 

 

 

 

 

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