Field Marshal Kariyappa - Hindi book by - Manish Kumar - फील्ड मार्शल करियप्पा - मनीष कुमार
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फील्ड मार्शल करियप्पा

मनीष कुमार

प्रकाशक : प्रभात प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2006
पृष्ठ :24
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 3864
आईएसबीएन :81-7315-572-0

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प्रस्तुत है फील्ड मार्शल करियप्पा का जीवन-परिचय....

Field Marshal Kariyappa -A Hindi Book by Manish Kumar Santosh

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

फील्ड मार्शल करियप्पा

भारतीय सेना के गौरव फील्ड मार्शल करिअप्पा का पूरा नाम कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा था। उनका जन्म 28 फरवरी, 1899 को पूर्ववर्ती कूर्ग में शनिवर्सांथि नामक स्थान पर हुआ था। इस स्थान को अब ‘कुडसुग’ नाम से जाना जाता है।
करिअप्पा के पिता कोडंडेरा माडिकेरी में एक राजस्व अधिकारी थे। वे वह अपने परिवार सहित लाइम कॉटेज में रहा करते थे। करिअप्पा के तीन भाई तथा दो बहनें भी थीं। करिअप्पा को घर के सभी लोग प्यार से ‘चिम्मा’ कहकर पुकारते थे।
बालक करिअप्पा का प्रकृति से गहरा लगाव था।

वह बचपन से ही प्रतिदिन कावेरी नदी ‘कावेरी अम्मा’ की पूजा करते थे। करिअप्पा की प्रारम्भिक शिक्षा माडिकेरी के सेंट्रल हाई स्कूल में हुई। वह पढ़ाई में बहुत अच्छे थे, किन्तु गणित, चित्रकला उनके प्रिय विषय थे। फुरसत के क्षणों में वह प्रायः कैरीकेचरी बनाया करते थे। सन् 1917 में स्कूली शिक्षा पूरी करने के पश्चात् इसी वर्ष उन्होंने मद्रास के प्रेसीडेंसी कालेज में प्रवेश ले लिय़ा। कालेज जीवन में प्राध्यापक डब्लू.एच. विट्वर्थ व अध्यापक एस.आई. स्ट्रीले का करिअप्पा पर गहरा प्रभाव पड़ा। इनके मार्गदर्शन में करिअप्पा का किताबों के प्रति लगाव बढ़ता गया। एक होनहार छात्र के साथ-साथ वह क्रिकेट, हॉकी, टेनिस के अच्छे खिलाड़ी भी रहे।


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