Goswami Tulsidas - Hindi book by - Mina Manishika - गोस्वामी तुलसीदास - मीना मनीषिका
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गोस्वामी तुलसीदास

मीना मनीषिका

प्रकाशक : प्रभात प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2006
पृष्ठ :24
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 3876
आईएसबीएन :81-902901-4-2

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गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित पुस्तक...

Goswami Tulsidas A Hindi Book by Meena Manishika

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

गोस्वामी तुलसीदास

एक बार कृष्ण भक्त सूरदास से पूछा गया कि किसकी कविता श्रेष्ठ है। सूर ने कहा कि मेरी। फिर प्रश्नकर्ता ने पूछा कि तुलसी की कविता कैसी है ? सूर का उत्तर था-तुलसी की कविता कहाँ है ? वह तो मंत्र हैं, सिद्ध मंत्र।

वास्तव में तुलसीदास महाकवि और सिद्ध संत थे। वेद, पुराण आदि को उन्होंने गंभीर अध्ययन किया था। उनका स्वभाव लोक कल्याणकारी था। उनमें महान् कवि के समस्त गुण विद्यमान थे।

तुलसी को मानवतावादी कवि भी माना जाता है। अपनी रचनाओं के द्वारा उन्होंने मानवता के विकसित रूप को जनसामान्य के समक्ष प्रस्तुत करने का सफल प्रयास किया गया है। इसीलिए डॉ. ग्रियर्सन ने उन्हें एशिया का सर्वोत्कृष्ट कवि कहा है।

तुलसीदास के पिता का नाम आत्माराम दुबे थे और माता का नाम हुलसी था। वह सरयूपारीण ब्राह्मण थे। उनका परिवार सोरों (एटा, उत्तर प्रदेश) में रहता था। कुछ विद्वान तुलसी का जन्म-स्थान राजापुर (बाँदा, उत्तर प्रदेश) भी मानते हैं।
जन्म-स्थान की ही तरह तुलसी के जन्मकाल के बारे में भी मतभेद हैं।

फिर भी मोटे रूप में उनका जन्म विक्रम संवत् 1554 (सन् 1497) में सावन शुक्लपक्ष की सप्तमी को हुआ माना जाता है। कुछ लोग तुलसी का जन्म समय संवत् 1580 (सन् 1523) भी मानते हैं। वैसे कुछ लोग और भी तिथियाँ बताते हैं।

खैर, कुछ भी हो, इतना जरूर माना जाता है कि आम बच्चों की तरह तुलसीदास जन्म लेते ही रोए नहीं थे। उनके मुँह से ‘राम’ शब्द निकला था। इसीलिए लोग उन्हें ‘रामबोला’ कहने लगे थे।


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