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विविध >> उसका बचपन उसका बचपनकृष्ण बलदेव वैद
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चारपाई की गहराई में दादी औंधे मुंह पड़ी हुई है, जैसे कोई बच्चा रोते रोते सो या मर गया हो। ड्योढ़ी इस मकान का मुँह है, जो कभी खुलता है तो कभी बंद हो जाता है।
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