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हास्य-व्यंग्य >> वसीयतनामा वसीयतनामासूर्यनारायण व्यास
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व्यंग्य विधा अपनी शैशवावस्था में कितनी चंचल, परिपक्व और सतर्क थी यह व्यास जी के व्यंग्यों को पढ़कर सहज ही जाना जा सकता हैं...
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