पूजा की पोथी - पूरनचन्द जोशी Puja Ki Pothi - Hindi book by - Puranchand Joshi
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पूजा की पोथी

पूरनचन्द जोशी

प्रकाशक : वाणी प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2007
पृष्ठ :139
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 6619
आईएसबीएन :81-7055-907-3

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पूजा की पोथी पुस्तक में पूजा विधियाँ एवं सही तरह से कर्मकाण्ड करने की जानकारी उपलब्ध है....

Puja Ki Pothi

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

पूजा की पोथी

तमाम आधुनिकता के बावजूद हर कहीं जनसाधारण में कर्मकाण्ड के प्रति आस्था घटने के बजाय उल्टे कुछ बढ़ती चली जा रही है। इसके चलते एक विचित्र-सी स्थिति प्रस्तुत हुई है। जहाँ एक ओर कर्मकाण्ड जानने बाले तेजी से कम होते चले जा रहे हैं और पूजा-पाठ कराने वाले ब्राह्मणों के घरों तक में नयी पीढ़ी में कर्मकाण्ड के संस्कार नहीं पड़ रहे हैं, वहाँ दूसरी ओर कुछ पूजा-पाठ भी कर-करा लेने की ललक कुछ वैसे ही बढ़ रही है जैसे ‘योग’ या ‘रेकी’ कर लेने की। नई पीढ़ी के इस तरह के लोग स्वयं पूजा करना जानते नहीं। उन्हें पूजा कराने वाले पण्डित भी बड़ी मुश्किल से मिल पाते हैं और मिलते भी हैं तो बहुधा वे ऐसे होते हैं जो कुछ भी उल्टी-सीधी पूजा कराकर तगड़ी दक्षिणा वसूल कर लेते हैं। पूजा करवाने वाले यजमान को कर्मकाण्ड का ककहरा भी नहीं मालूम होता इसलिए वह अज्ञानी पण्डित को टोंक भी नहीं सकता।

पूजा करने-कराने की बढ़ती हुई इच्छा, ठीक से पूजा करा सकने वालों का अभाव और स्वयं पूजा न कर सकने की यह असमर्थता भारत के बड़े शहरों और कस्बों के नागरिक तथा विदेश में बसे भारतीय इधर बहुत तीव्रता से अनुभव करते रहे हैं। दैनिक और वार्षिक पूजाएँ करने की इच्छुक इस नई पीढ़ी के लिए बाजार में ऐसी कोई पुस्तक भी उपलब्ध नहीं हैं जिसमें पूजा करने की विधि और पूजा में आनेवाले प्रमुख श्लोकों के अर्थ समझा दिये गये हों। पाठकों की इसी आवश्यकता की पूर्ति करेगी पूजा की पोथी।

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