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भूतनाथ (सेट)

देवकीनन्दन खत्री

प्रकाशक : सरल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2009
पृष्ठ :2177
मुखपृष्ठ :
पुस्तक क्रमांक : 7144
आईएसबीएन :000000000

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मानव संसाधन विकास के लिए शिक्षा
(Education for Human Resource Development)

प्रश्न- मानवीय संसाधन से आप क्या समझते हैं? मानवीय संसाधन का शिक्षा में महत्व बताइये।
उत्तर-
मानवीय संसाधन
(Human Resournces)
मानवीय संसाधन ऐसे संसाधन होते हैं जो व्यक्ति की कार्यकुशलता में वृद्धि करते हैं ओर जिनके प्रयोग से व्यक्ति अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।
निकिल एवं डार्सी के अनुसार "मानवीय साधन वह साधन होते हैं जिनमें निम्न तथ्य सम्मिलित होते हैं -
1. ज्ञान (जो तथ्यात्मक तथा सम्बन्धात्मक होता है)
2. योग्यताएँ एवं कुशलताएँ (जन्मजात और अर्जित)
3. अभिवृत्तियाँ (शिक्षा को कार्यान्वित करने के सम्बन्ध में विचारधारा अथवा भावनाएँ)।
4. शक्ति (जो शारीरिक तथा मानसिक कार्य करने के लिये परम आवश्यक है)।
ग्रास तथा क्रेन्डल ने मानवीय साधनों में निम्नलिखित साधन सम्मिलित किये है - समय, रुचियाँ, शक्ति, कौशल, ज्ञान, अभिवृत्तियाँ तथा योग्यताएँ।
मानवीय साधनों का शिक्षा में महत्व
(Importance of Human Resources in Education)
मानवीय साधनों के वास्तविक ज्ञान से लोग संसाधनों का उचित उपयोग करते हैं तथा उनका उपव्यय नहीं करते हैं। मानवीय संसाधनों से व्यक्ति का व्यक्तिगत विकास भी होता है। मानवीय संसाधनों के उचित उपयोग से देश, समाज तथा राज्यों का विकास होता है। मानवीय संसाधनों के उचित विकास से व्यक्ति कौशलों की प्राप्ति करता है। मानवीय संसाधनों के उचित विकास से लोग अपनी रुचियों को विकसित कर सकते हैं और उन रुचियों का प्रयोग बागवानी संगीत तथा भोजन तैयार करने के क्षेत्र में कर सकते हैं। व्यक्ति को समय का सदुपयोग करना आता है। व्यक्ति अपने समय को बचाकर ज्ञानोपार्जन के क्षेत्र में लगा सकता है। जिस प्रकार शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति को जीविकोपार्जन के योग्य बनाना होता है उसी प्रकार मानवीय साधनों के उचित उपयोग से व्यक्ति जीविकोपार्जन के योग्य बन सकता है।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न 1

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