लोगों की राय

परिवर्तन >> भूतनाथ (सेट)

भूतनाथ (सेट)

देवकीनन्दन खत्री

प्रकाशक : सरल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2009
पृष्ठ :2177
मुखपृष्ठ :
पुस्तक क्रमांक : 7144
आईएसबीएन :000000000

Like this Hindi book 4 पाठकों को प्रिय

207 पाठक हैं

तिलिस्म और ऐयारी संसार की सबसे अधिक महत्वपूर्ण रचना

प्रश्न- मौलिक कर्त्तव्यों का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर-
मौलिक कर्त्तव्य
संविधान एवं विधि विशेषज्ञों तथा राजनीतिक समीक्षकों ने भारतीय संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्त्तव्यों को कई आधारों पर सम्पूर्ण और दोष पूर्ण बताया है उनकी दृष्टि में मौलिक कर्तव्यों की सबसे बड़ी दुर्बलता इनको संविधान के चौथे भाग नीति-निदेशक तत्वों के बाद अंकित किया जाना है, जिससे ये मात्र नैतिक आदर्श और मान्यताएँ बनकर रह गये हैं। मौलिक कर्त्तव्यों को न्यायालय द्वारा नहीं लागू कराया जा सकता है और इनके पालन के लिए कानून द्वारा किसी को बाध्य भी नहीं किया जा सकता यद्यपि प्रो. एच. सी. ढोलकिया के शब्दों में "मौलिक कर्त्तव्यों की अवहेलना करने पर या उन्हें न मानने पर संसद को उपयुक्त दण्ड देने या निर्धारित करने का भी अधिकार दिया गया है। अतः यह कहना गलत है कि इन कर्त्तव्यों का पालन करने के लिए कोई कानूनी व्यवस्था नहीं की गई है।
 

...Prev | Next...

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

    अनुक्रम

  1. प्रश्न 1

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book