मेरी प्रिय कहानियाँ (अमृतलाल नागर) - अमृतलाल नागर Meri Priya Kahaniyan - Hindi book by - Amritlal Nagar
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मेरी प्रिय कहानियाँ (अमृतलाल नागर)

अमृतलाल नागर

प्रकाशक : राजपाल एंड सन्स प्रकाशित वर्ष : 2012
पृष्ठ :128
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 8088
आईएसबीएन :9789350640135

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लेखक की अपनी कहानियों में से उनकी पसंद की चुनिंदा कहानियाँ

Meri Priya Kahaniyan by Amritlal Nagar

‘अमृतलाल नागर’ हिन्दी के उन गिने-चुने मूर्धन्य लेखकों में हैं जिन्होंने जो कुछ लिखा वह साहित्य की निधि बन गया है। सभी प्रचलित वादों से निर्लप्त उनका कृतित्व और व्यक्तित्व कुछ अपनी ही प्रभा से ज्योतित है। उन्होंने जीवन में गहरे पैठकर कुछ मोती निकाले हैं और उन्हें अपनी रचनाओं में बिखेर दिया है। प्रेमचंद के बाद के कथाकारों में अमृतलाल नागर का स्थान बहुत ऊँचा है, और उन्हें हिन्दी साहित्य को विश्व स्तर पर ले जाने का गौरव प्राप्त है। उपन्यासों की भांति उनकी कहानियाँ भी सभी रंगों में लिखी गई हैं और बहुत पसंद की जाती रही है। इस संकलन के लिए उन्होंने स्वयं कहानियाँ चुनी हैं जो उनकी समग्र कथायात्रा का प्रतिनिधित्व करती हैं।

क्रम

शकीला की माँ
कादिर मियाँ की भौजी
गोरखधंधा
छापे के हुरूफ
एटम बम
सूखी नदियाँ
एक दिल हजार दास्तां
धर्म-संकट
मोती की सात चलनियाँ
आदमी : जाना अनजाना
माँ-बाप और बच्चे

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