|
गीता प्रेस, गोरखपुर >> गीता माधुर्य गीता माधुर्यस्वामी रामसुखदास
|
78 पाठक हैं |
||||||
श्रीमद्भगवद्गीता मनुष्य मात्र को सही मार्ग दिखाने का सार्वभौम ग्रन्थ है। लोगों में इसका अधिक से अधिक प्रचार हो और लोग इसका पालन करें।
A PHP Error was encountered
Severity: Notice
Message: Undefined index: common
Filename: books/book_info.php
Line Number: 553
|
|||||
अन्य पुस्तकें
लोगों की राय
No reviews for this book










