Uske Hisse Ki Dhoop - Hindi book by - Mridula Garg - उसके हिस्से की धूप - मृदुला गर्ग
लोगों की राय

उपन्यास >> उसके हिस्से की धूप

उसके हिस्से की धूप

मृदुला गर्ग

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2019
पृष्ठ :136
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 12457
आईएसबीएन :9789388933476

Like this Hindi book 0

परम्परागत भारतीय समाज में स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के बीच मानवीय स्वतंत्रता, खास कर नारी-स्वातंत्र्य का सवाल सदा ही अनदेखा किया जाता रहा है, और मृदुला गर्ग का यह उपन्यास परम्परागत ही नहीं, बल्कि आधुनिकता के घिसे-पिटे वैचारिक चौखटे से भी बाहर निकलकर यह सवाल उठाता है कि स्त्री-पुरुष सम्बन्धों का आधार क्या है — प्रेम अथवा स्वतंत्रता ? और क्या इन सम्बन्धों का सत्य सिर्फ मनोगत है अथवा इनके समानान्तर कोई दैहिक सच्चाई भी है ? साधारणतः देखा जाए तो मृदुला गर्ग का यह बहुचर्चित उपन्यास एक त्रिकोणात्मक प्रेम-कथा है, लेकिन प्रेम इसकी समस्या नहीं है — समस्या है स्वतंत्रता, जो स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान रूप से मूल्यवान है।

प्रेम अगर व्यक्ति की स्वतंत्रता और उसके वैयक्तिक विकास को बाधित करता है तो वह अस्वस्थ है। लेखिका ने इस विचार को उस गहराई से चित्रित किया है जहाँ उसकी रागात्मकता पाठ को मुग्ध कर लेती है और प्रत्येक स्थिति पाठकीय संवेदना का अटूट हिस्सा बन जाती है।

प्रथम पृष्ठ

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book