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इतिहास और राजनीति >> ताजमहल मन्दिर भवन है ताजमहल मन्दिर भवन हैपुरुषोत्तम नागेश ओक
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पी एन ओक की शोघपूर्ण रचना जिसने इतिहास-जगत में तहलका मचा दिया...
यह भी सम्भावना है कि चन्द्रगुप्त मौर्य का उपनाम उसके मयूर-सिंहासन से ही व्युत्पन्न हो। क्योंकि मयूर का (संस्कृत में) अर्थ होता है मोर और मौर्य मयूर शब्द का साधित शब्द हो सकता है। ऐसी स्थिति में प्रसिद्ध मयूर-सिंहासन जिसका शाहजहाँ ने अपहरण कर लिया था, उसके विषय में कम-से-कम चन्द्रगुप्त मौर्य तक के भूतकाल तक खोज के लिए जाना होगा।
एक अन्य सम्भावना यह भी हो सकती है कि उस हिन्दू शासक ने वह मयूर-सिंहासन बनवाया हो जो साहित्यिक प्रतिभासम्पन्न और महाप्रतापी दोनों ही हो; क्योंकि हिन्दू पुराणों के अनुसार विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती और योद्धा देव सेनापति कार्तिकेय स्वामी दोनों का ही वाहन मयूर बताया गया है। प्राचीन भारत में ऐसा एक शासक जो अपने पराक्रम, विद्वत्ता और सत्यनिष्ठा के लिए प्रसिद्ध था, जिसने ईसा से ५७ वर्ष पूर्व विक्रम संवत् प्रचलित किया था, वह विक्रमादित्य था। शाहजहाँ ने ताजमहल के साथ ही जिस मयूर-सिंहासन को हथिया लिया था, मूल रूप से उसका निर्माण अरब के विजेता सम्राट विक्रमादित्य ने करवाया हो।
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