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विविध >> मनोविश्लेषण मनोविश्लेषणसिगमंड फ्रायड
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‘ए जनरल इन्ट्रोडक्शन टु साइको-अनालिसिस’ का पूर्ण और प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद
क्रमिक अवस्थाओं में होने वाले परिवर्धन में इस तरह का जो दूसरा खतरा है, उसे
हम प्रतिगमन कहते हैं। ऐसा भी होता है कि जो अंश आगे बढ़ चके हैं, वे पीछे की
ओर लौटकर इन पहले वाली अवस्थाओं में आ जाते हैं। आवेग को इस तरह प्रतिगमन
करने का मौका तब मिलेगा जब इसके बाद वाले और अधिक परिवर्धित रूप में होने
वाले कार्य पर शक्तिशाली बाहरी रुकावटें आएंगी जो इसे अपने सन्तुष्टि के
उद्देश्य पर पहुंचने से रोक देंगी। बद्धता और प्रतिगमन एक-दूसरे से स्वतन्त्र
नहीं होते। परिवर्धन के मार्ग में बद्धताएं जितनी सबल होंगी, उतनी ही आसानी
से कार्य बाहरी रुकावटों से पराजित हो जाएगा, और वह प्रतिगमन करके उन
बद्धताओं पर आ जाएगा, अर्थात् परिवर्धित कार्य अपने मार्ग की बाहरी रुकावटों
का प्रतिरोध करने में उतना ही असमर्थ होगा। यदि आप अपना देश छोड़कर जाने वाली
किसी जाति पर विचार करें, जिसके बहुत-से लोग रास्ते के पड़ावों पर रह गए हैं,
तो आप देखेंगे कि आगे जाने वाले लोग जब पराजित हो जाएंगे, या उन्हें जब बहुत
बलवान शत्रु से मुकाबला पड़ेगा, तब वे स्वभावतः लौटकर इन पड़ावों पर आश्रय
लेंगे और फिर वे अपने में से जितने अधिक लोगों को पीछे छोड़ गए होंगे, उनके
उतनी ही जल्दी पराजित होने का खतरा रहेगा।
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1. Arrested
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