लोगों की राय

गीता प्रेस, गोरखपुर >> कर्म योग का तत्त्व - भाग 2

कर्म योग का तत्त्व - भाग 2

जयदयाल गोयन्दका

प्रकाशक : गीताप्रेस गोरखपुर प्रकाशित वर्ष : 2005
पृष्ठ :186
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 984
आईएसबीएन :81-293-0721-9

Like this Hindi book 8 पाठकों को प्रिय

391 पाठक हैं

प्रस्तुत पुस्तक में कर्मयोग संबंधी लेखों का संग्रह किया गया है जो गृहस्थों के विशेष उपादेय है,क्योंकि इसमें गृहस्थाश्रम में रहकर शीघ्रतिशीघ्र परमात्मा की प्राप्त कैसे हो सकती है विशेष रूप से बतलाया गया है।

A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Undefined offset: -106

Filename: books/book_info.php

Line Number: 553

...Prev | Next...

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book