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गीता प्रेस, गोरखपुर >> कर्म योग का तत्त्व - भाग 2 कर्म योग का तत्त्व - भाग 2जयदयाल गोयन्दका
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प्रस्तुत पुस्तक में कर्मयोग संबंधी लेखों का संग्रह किया गया है जो गृहस्थों के विशेष उपादेय है,क्योंकि इसमें गृहस्थाश्रम में रहकर शीघ्रतिशीघ्र परमात्मा की प्राप्त कैसे हो सकती है विशेष रूप से बतलाया गया है।
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